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Human rights is becoming a culture in the era of Nation-State concept....now a person leads to behaviour .one is governed by his/her conventional culture and other one is administered by human rights culture in the nation -state frame.so this resonance gives a space to discuss human being in the frame of human rights instead of his conventional culture...this blog will discuss all aspects of life regarding Human rigts

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टॉयलेट में भारत ??????????????????/

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टॉयलेट में भारत !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
जी जी अब मेरी इस बात पर भी चौकिये मत मैंने कोई ऐसी बात नहीं कह दी जिससे आपकी राष्ट्र भक्ति पर आंच गयी हो और आपको भारत शब्द से मतलब ही क्या है  चाहे चीन आपके भारत में चढ़ आये और चाहे पाक के नापाक पैर इसको कुचल दे पर आप क्यों भारत नाम के लिए पागल हो .हमको तो हिन्दू  मुस्लिम के लिए झगडा करना है फिर हम क्या भारत जैसे शब्द को जाने ?????? और इससे ज्यादा हम भारत के निति निदेशक तत्वों का सम्मान क्या करेंगे जिसमे लिखा है कि प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह भारत के गौरव , अस्मिता और सम्मान के लिए प्रयास करे और लीजिये आप खोलिए अपना टॉयलेट औत देखिये उस पर क्या लिखा है हिंदुस्तान लीवर अब देखिये फ्लश पर वह भी यही लिखा है और यही नहीं अपने प्रयास का नमूना देखिये बेसिन पर जहा आप थूक नाक का भोग लगते है इस से ज्यादा हम आप अपने भारत की क्या कर सकते है कि मल- मूत्र थूक नाक कर ने वाले हर सामान पर आप भारत लिखते है ….आरे आरे इस में बुरा क्या है इसी दिन के लिए तो आजादी की लड़ाई लड़ी गयी थी …लोगो ने अपना खून बहाया था और इससे ज्यादा सम्मान आप कर भी क्या सकते है कि आप ऐसे सामानों पर भारत लिखे और हम क्यों इस पर से नाम हटाने के लिए सरककर को लिखे या आन्दोलन करे हम तो आन्दोलन करेंगे वेतन बढाओ ……और और तो किसी नेता को बुला लीजिये तो बताने लगेंगे कि कैसे अंग्रेज अपने यह लिखे रखते है कि भारतीय और कुत्ते को आने की अनुमति नहीं है और ये कह कर नेता जी अपने ज्ञान का परिचय तो दिखा देते है पर क्या उनको टॉयलेट में भारत के नाम की बेज्जती नहीं दिखी …………..हा हा ये बेज्जती कहा है इसी के लिए तो २७९ लोगो ने म्हणत कर भारतीय संविधान के पहले अनुच्छेद में लिखा इंडिया दैट इज भारत ….वह क्या इअज्जत करते है आप सब इस नाम भारत की ….ना ना कोई लोग भी आवाज़ ना उठा इयेगा  वरना गजब हो जायेगा और ना ही इसकेलिए प्रयास कीजियेगा कि ऐसी हर गन्दी जगह से भारत नाम हटाया जाये जिस से इस नाम कि गरिमा को ठेस पहुचती हो …………क्या आप टॉयलेट जा रहे है या बेसिन में थूकने ( इसको व्यंग्य समझ कर पढ़ा जाये )



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Madan Mohan saxena के द्वारा
August 27, 2013

वाह . बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति.जन्माष्टमी की बहुत बहुत शुभकामनायें- कभी यहाँ भी पधारें

    allindianrightsorganization के द्वारा
    September 2, 2013

    जब आप अपने विचारो से मेरा उतसाह बढ़ाते है तो मैं कुछ और बेहतर करने के लिए प्रेरित होता हूँ


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